Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.95.48-49h: हे भरतश्रेष्ठ! उन बाणों से वह हाथी अत्यन्त घायल हो गया और व्याकुल हो गया। उसका सारा अभिमान नष्ट हो गया और वह बड़े वेग से पीछे हटने लगा। | mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स गाढविद्धो व्यथितो नागो भरतसत्तम॥ ४८॥
उपावृत्तमद: क्षिप्रमभ्यवर्तत वेगित:।
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! उन बाणों से वह हाथी अत्यन्त घायल हो गया और व्याकुल हो गया। उसका सारा अभिमान नष्ट हो गया और वह बड़े वेग से पीछे हटने लगा।
O best of the Bharatas! The elephant was extremely wounded by those arrows and became distressed. All his pride vanished and he started retreating with great speed. 48 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥