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mahabharat 6.95.36: तब महाधनुर्धर भीमसेन ने अत्यन्त क्रोध में आकर अपने बाणों की वर्षा से हाथी के पैरों की रक्षा करने वाले सैकड़ों योद्धाओं को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.95.36 
भीमसेनस्तु संक्रुद्ध: पादरक्षान् पर:शतान्।
निजघान महेष्वास: संरब्ध: शरवृष्टिभि:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
तब महाधनुर्धर भीमसेन ने अत्यन्त क्रोध में आकर अपने बाणों की वर्षा से हाथी के पैरों की रक्षा करने वाले सैकड़ों योद्धाओं को मार डाला।
 
Then the great archer Bhimasena, in great anger, killed with a shower of his arrows hundreds of warriors protecting the elephant's legs.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)