Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.95.15-16h: यदि आप भयंकर राक्षसराज घटोत्कच पर अत्यन्त क्रोधित हैं, तो राजा भगदत्त को उस दुष्ट के साथ युद्ध करने के लिए जाना चाहिए, क्योंकि युद्ध में वह इन्द्र के समान बलवान है।॥15 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रौद्रे तस्मिन् राक्षसेन्द्रे यदि तेऽनुशयो महान्।
अयं वा गच्छतु रणे तस्य युद्धाय दुर्मते:॥ १५॥
भगदत्तो महीपाल: पुरन्दरसमो युधि।
अनुवाद
यदि आप भयंकर राक्षसराज घटोत्कच पर अत्यन्त क्रोधित हैं, तो राजा भगदत्त को उस दुष्ट के साथ युद्ध करने के लिए जाना चाहिए, क्योंकि युद्ध में वह इन्द्र के समान बलवान है।॥15 1/2॥
If you are very angry with the fierce demon king Ghatotkacha, then King Bhagadatta should go to fight with that evil person because in battle he is as powerful as Indra.'॥ 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥