Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.94.49-50: चारों ओर शंख और नगाड़े जोर-जोर से बजने लगे। इस प्रकार सूर्यास्त के समय दुष्ट घटोत्कच द्वारा भगाई गई आपकी सारी सेना सब दिशाओं में भाग गई ॥49-50॥ | mahabharat अध्याय 6.94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चारों ओर शंख और नगाड़े जोर-जोर से बजने लगे। इस प्रकार सूर्यास्त के समय दुष्ट घटोत्कच द्वारा भगाई गई आपकी सारी सेना सब दिशाओं में भाग गई ॥49-50॥
All around, the conches and drums began to sound loudly. Thus, at sunset, your entire army, chased away by the evil-spirited Ghatotkacha, fled in all directions. ॥ 49-50॥
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि अष्टमयुद्धदिवसे घटोत्कचयुद्धे चतुर्नवतितमोऽध्याय:॥ ९४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें आठवें दिनके युद्धमें घटोत्कचका युद्धविषयक चौरानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥