Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.94.36-38h: उस बाण से अत्यन्त घायल होकर वह अत्यन्त पीड़ा से पीड़ित होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गया। नीले बादलों के समूह के समान श्याम वर्ण वाले राजा नील को अचेत देखकर अपने भाइयों और बन्धु-बान्धवों से घिरा हुआ घटोत्कच अत्यन्त क्रोधित हुआ और युद्ध में तेज से सुशोभित अश्वत्थामा की ओर बड़े वेग से दौड़ा। उसके साथ अन्य भयंकर राक्षस भी उस पर टूट पड़े। | mahabharat अध्याय 6.94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस बाण से अत्यन्त घायल होकर वह अत्यन्त पीड़ा से पीड़ित होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गया। नीले बादलों के समूह के समान श्याम वर्ण वाले राजा नील को अचेत देखकर अपने भाइयों और बन्धु-बान्धवों से घिरा हुआ घटोत्कच अत्यन्त क्रोधित हुआ और युद्ध में तेज से सुशोभित अश्वत्थामा की ओर बड़े वेग से दौड़ा। उसके साथ अन्य भयंकर राक्षस भी उस पर टूट पड़े।
Being severely injured by that arrow, he sat in the rear part of the chariot in great pain. Seeing King Neela, who was dark in complexion like a group of blue clouds, unconscious, Ghatotkacha surrounded by his brothers and relatives became very angry and ran towards Ashwatthama, who was adorned with glory in battle, with great speed. Along with him, other fierce demons also attacked him. 36-37 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥