Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.94.33-34h: तत्पश्चात् बुद्धिमानों में श्रेष्ठ अश्वत्थामा ने अपने उस विचित्र धनुष को खींचकर नील को मार डालने का विचार किया, जो इन्द्र के वज्र के समान भयंकर गर्जना कर रहा था ॥33 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स विस्फार्य धनुश्चित्रमिन्द्राशनिसमस्वनम्॥ ३३॥
दध्रे नीलविनाशाय मतिं मतिमतां वर:।
अनुवाद
तत्पश्चात् बुद्धिमानों में श्रेष्ठ अश्वत्थामा ने अपने उस विचित्र धनुष को खींचकर नील को मार डालने का विचार किया, जो इन्द्र के वज्र के समान भयंकर गर्जना कर रहा था ॥33 1/2॥
Thereafter, Ashwatthama, the best among the wise, thought of killing Neel by drawing his strange bow which thundered fiercely like Indra's thunderbolt. 33 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥