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mahabharat 6.94.3: इतना ही नहीं, उसने क्रोधित होकर पंखयुक्त अत्यन्त तीक्ष्ण अर्धचन्द्राकार बाण चलाया और भीमसेन का धनुष काट डाला॥3॥   |   mahabharat अध्याय 6.94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.94.3 
अर्धचन्द्रं च संधाय सुतीक्ष्णं लोमवाहिनम्।
भीमसेनस्य चिच्छेद चापं क्रोधसमन्वित:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
इतना ही नहीं, उसने क्रोधित होकर पंखयुक्त अत्यन्त तीक्ष्ण अर्धचन्द्राकार बाण चलाया और भीमसेन का धनुष काट डाला॥3॥
 
Not only this, he got angry and used a very sharp half-moon shaped arrow with feathers and cut off Bhimasena's bow. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)