श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  6.90.29-30h 
तदनीकं महाबाहो भित्त्वा परमदुर्जयम्।
बलेन महता युक्ता: स्वर्गाय विजयैषिण:॥ २९॥
विविशुस्ते तदा हृष्टा गान्धारा युद्धदुर्मदा:।
 
 
अनुवाद
महाबाहो! उस समय विजय की इच्छा से अथवा स्वर्ग की इच्छा से व्याकुल गांधार देश के वे वीर अपनी विशाल सेना के साथ पाण्डव सेना के अत्यन्त अजेय व्यूह को भेदकर हर्ष और उत्साह से भरकर उसमें प्रवेश कर गये।
 
Mahabaho! At that time those war-mad heroes of the Gandhar country, yearning for victory or desiring heaven, with their huge army, broke through the extremely invincible formation of the Pandava army and entered it filled with joy and enthusiasm.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)