श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.9.10 
तत् ते वर्षं प्रवक्ष्यामि यथायथमरिंदम।
शृणु मे गदतो राजन् यन्मां त्वं परिपृच्छसि॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुदमन! मैं उसी भारतवर्ष का यथावत् वर्णन कर रहा हूँ। तुम मुझसे जो कुछ पूछोगे या जानना चाहोगे, वह मैं तुम्हें बताऊँगा, कृपया सुनो।
 
O King of Shatrudaman! I am describing that same Bharatvarsh as it is. Whatever you ask me or want to know, I will tell you, please listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)