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mahabharat 6.89.39-40: भरत! शान्तनुपुत्र भीष्म, द्रोणाचार्य, महारथियों में श्रेष्ठ, अश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा के क्रोध के कारण पाण्डव सैनिकों का भी इसी प्रकार संहार हुआ था। पाण्डवों के क्रोध के कारण ही आपके योद्धाओं का भी ऐसा ही भयंकर विनाश हुआ था॥39-40॥   |   mahabharat अध्याय 6.89: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध और भयानक जनसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 89: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध और भयानक जनसंहार  »  श्लोक 39-40
 
 
श्लोक  6.89.39-40 
एवमेष क्षयो वृत्त: पाण्डूनामपि भारत।
क्रुद्धे शान्तनवे भीष्मे द्रोणे च रथसत्तमे॥ ३९॥
अश्वत्थाम्नि कृपे चैव तथैव कृतवर्मणि।
तथेतरेषु क्रुद्धेषु तावकानामपि क्षय:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
भरत! शान्तनुपुत्र भीष्म, द्रोणाचार्य, महारथियों में श्रेष्ठ, अश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा के क्रोध के कारण पाण्डव सैनिकों का भी इसी प्रकार संहार हुआ था। पाण्डवों के क्रोध के कारण ही आपके योद्धाओं का भी ऐसा ही भयंकर विनाश हुआ था॥39-40॥
 
Bharata! Due to the anger of Shantanu's son Bhishma, Dronacharya, the best of charioteers, Ashwatthama, Krupacharya and Kritavarma, the Pandava soldiers were also massacred in this manner. Also, due to the anger of the Pandavas, your warriors also suffered a similar terrible destruction. ॥ 39-40॥
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि अष्टमदिवसयुद्धे एकोननवतितमोऽध्याय:॥ ८९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें आठवें दिनके युद्धसे सम्बन्ध रखनेवाला नवासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)