Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.87.17: महाराज! तत्पश्चात् क्रूर स्वभाव वाले धृष्टद्युम्न ने एक अत्यन्त भयंकर सिंघाड़े के आकार का व्यूह रचा, जो शत्रुओं के व्यूह को नष्ट करने वाला था ॥17॥ | mahabharat अध्याय 6.87: आठवें दिन व्यूहबद्ध कौरव-पाण्डव-सेनाओंकी रणयात्रा और उनका परस्पर घमासान युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: स पार्षत: क्रूरो व्यूहं चक्रे सुदारुणम्।
शृङ्गाटकं महाराज परव्यूहविनाशनम्॥ १७॥
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् क्रूर स्वभाव वाले धृष्टद्युम्न ने एक अत्यन्त भयंकर सिंघाड़े के आकार का व्यूह रचा, जो शत्रुओं के व्यूह को नष्ट करने वाला था ॥17॥
Maharaj! Thereafter, Dhrishtadyumna, who had a cruel nature, created a very dangerous water chestnut-shaped array, which was going to destroy the enemy's array. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥