श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.84.9 
क्रुद्धं तु पाण्डवं दृष्ट्वा देवगन्धर्वराक्षसा:।
प्रविव्यथुर्महाराज व्याकुलं चाप्यभूज्जगत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर को क्रोधित देखकर देवता, गन्धर्व और दानव व्याकुल हो गए तथा सारा संसार भी भय से व्याकुल हो गया॥9॥
 
Maharaj! Seeing Pandu's son Yudhishthira angry, the gods, Gandharvas and demons became distressed and the whole world also became distraught with fear. 9॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas