श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  6.84.49 
समासाद्य तु कौन्तेयो राज्ञस्तान् भीष्मरक्षिण:।
सुशर्माणमथो राजन्निदं वचनमब्रवीत्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
राजा ! कुन्तीपुत्र अर्जुन भीष्म की रक्षा करने वाले उन राजाओं के पास गए और सुशर्मा से इस प्रकार बोले -॥49॥
 
King! Kunti's son Arjun went to those kings who were protecting Bhishma and spoke to Susharma as follows -॥ 49॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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