श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.83.8 
तवापराधात् सुमहान् सपुत्रस्य विशाम्पते।
पृथिव्या: प्रक्षयो घोरो यमराष्ट्रविवर्धन:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! आपके तथा आपके पुत्र के अपराध के कारण पृथ्वी का यह भयंकर एवं महान् विनाश हो रहा है, जो यमलोक को बढ़ाने वाला है॥8॥
 
Prajanath! Due to your crime along with that of your son, this terrible and great destruction of the earth is taking place, which is going to increase the world of Yama. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)