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mahabharat 6.83.28: जिस प्रकार भगवान इन्द्र ने राक्षसों को भयभीत कर दिया था, उसी प्रकार भगदत्त ने पाण्डव सैनिकों को भयभीत करके भगाना आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.83.28 
यथा सुरपति: शक्रस्त्रासयामास दानवान्।
तथैव समरे राजा द्रावयामास पाण्डवान्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार भगवान इन्द्र ने राक्षसों को भयभीत कर दिया था, उसी प्रकार भगदत्त ने पाण्डव सैनिकों को भयभीत करके भगाना आरम्भ कर दिया।
 
Just as Lord Indra had frightened the demons, in the same manner Bhagadatta began to frighten the Pandava soldiers and make them run away. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)