Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.83.2: किन्तु हे सूत! अब तक आपने मेरे साथ घटित किसी भी हर्षपूर्ण घटना का वर्णन नहीं किया है; इसके विपरीत आप प्रतिदिन पाण्डवों को आनन्द से परिपूर्ण तथा अपराजित बताते हैं। | mahabharat अध्याय 6.83: इरावान्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किन्तु हे सूत! अब तक आपने मेरे साथ घटित किसी भी हर्षपूर्ण घटना का वर्णन नहीं किया है; इसके विपरीत आप प्रतिदिन पाण्डवों को आनन्द से परिपूर्ण तथा अपराजित बताते हैं।
But, Suta, till now you have not spoken of any joyous event that has happened to me; on the contrary, you are describing the Pandavas as full of joy and undefeated every day.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥