श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.83.16 
इरावांस्तु ततो राजन्ननुविन्दस्य सायकै:।
चतुर्भिश्चतुरो वाहाननयद् यमसादनम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उस समय इरावान ने अपने चार बाणों से अनुविन्द के चारों घोड़ों को यमलोक भेज दिया।
 
O King! At that time Iravan sent all the four horses of Anuvinda to Yamaloka with his four arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)