Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.83.10: पुण्यात्माओं के लोकों को प्राप्त करने की इच्छा से वसुधा के राजा शत्रुओं की सेना में प्रवेश करके युद्ध करते हैं और सदैव स्वर्ग को ही अपना परम लक्ष्य मानते हैं ॥10॥ | mahabharat अध्याय 6.83: इरावान्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुण्यात्माओं के लोकों को प्राप्त करने की इच्छा से वसुधा के राजा शत्रुओं की सेना में प्रवेश करके युद्ध करते हैं और सदैव स्वर्ग को ही अपना परम लक्ष्य मानते हैं ॥10॥
Desiring to attain the worlds of the virtuous souls, the King of Vasudha enters the enemy's army and fights, always considering heaven as his ultimate goal. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥