vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 81: सातवें दिनके युद्धमें कौरव-पाण्डव-सेनाओंका मण्डल और वज्रव्यूह बनाकर भीषण संघर्ष
»
श्लोक 41
श्लोक
6.81.41
देवा देवर्षयश्चैव गन्धर्वाश्च सहोरगै:।
विस्मयं परमं जग्मुर्दृष्ट्वा कृष्णौ तथागतौ॥ ४१॥
अनुवाद
श्रीकृष्ण और अर्जुन को उस अवस्था में देखकर देवता, ऋषि, गन्धर्व और नागगण बड़े विस्मित हुए ॥41॥
Seeing Sri Krishna and Arjun in that state, the gods, sages, Gandharvas and serpents were greatly astonished. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×