श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 81: सातवें दिनके युद्धमें कौरव-पाण्डव-सेनाओंका मण्डल और वज्रव्यूह बनाकर भीषण संघर्ष  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.81.19 
दुर्योधनस्तु समरे दंशितो रथमास्थित:।
व्यराजत श्रिया जुष्टो यथा शक्रस्त्रिविष्टपे॥ १९॥
 
 
अनुवाद
महाप्रतापी राजा दुर्योधन भी कवच ​​धारण करके रथ पर आरूढ़ होकर युद्धस्थल में ऐसे शोभायमान हो रहे थे मानो देवराज इन्द्र अपनी दिव्य प्रभा से स्वर्ग में चमक रहे हों॥19॥
 
The majestic King Duryodhana too, wearing armour and seated on a chariot, looked as graceful on the battlefield as if the King of Gods, Indra, was shining in the heaven with his divine radiance.॥ 19॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas