श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 80: भीष्मद्वारा दुर्योधनको आश्वासन तथा सातवें दिनके युद्धके लिये कौरव-सेनाका प्रस्थान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.80.9 
एते तु रौद्रा बहवो महारथा
यशस्विन: शूरतमा: कृतास्त्रा:।
ये पाण्डवानां समरे सहाया
जितक्लमा रोषविषं वमन्ति॥ ९॥
 
 
अनुवाद
रणभूमि में पाण्डवों की सहायता करने वाले इन महारथियों में से अनेक महारथी अत्यन्त भयंकर, पराक्रमी, युद्धकला के ज्ञाता और यशस्वी हैं। वे थककर हम पर क्रोधरूपी विष उगल रहे हैं॥9॥
 
Among those who have helped the Pandavas in the battlefield, many of these great warriors are extremely fearsome, endowed with great courage, knowledgeable in the art of warfare and are famous. They have overcome fatigue and are spitting venom of anger upon us.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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