श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 71: भीष्म, अर्जुन आदि योद्धाओंका घमासान युद्ध  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  6.71.42 
तेषां तथा कर्षतां तु गजानां रूपमाबभौ।
सर:सु नलिनीजालं विषक्तमिव कर्षताम्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
रथों को खींचते हुए हाथी ऐसे लग रहे थे मानो वे तालाब में उगे कमल के गुच्छे को खींच रहे हों।
 
The elephants pulling the chariots in their chariots looked as if they were pulling a bunch of lotuses growing in a pond.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)