श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 71: भीष्म, अर्जुन आदि योद्धाओंका घमासान युद्ध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.71.18 
रथिभिर्वारणैरश्वै: पादातैश्च समीरितम्।
घोरमायोधनं चक्रे महाभ्रसदृशं रज:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
रथियों, हाथियों, घोड़ों और पैदल सैनिकों के पैरों से उड़ती धूल घने बादलों की तरह आकाश में फैल गई और युद्ध को भयंकर बना दिया।
 
The dust raised by the feet of the charioteers, elephants, horses and infantry spread across the sky like heavy clouds and made the battle dreadful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)