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mahabharat 6.7.3: वहाँ के वृक्ष सदैव फूलों और फलों से भरे रहते हैं और उनके फल बहुत मीठे और स्वादिष्ट होते हैं। उस देश के सभी फूल सुगंधित और फल स्वादिष्ट होते हैं। ॥3॥   |   mahabharat अध्याय 6.7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान‍्का वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान‍्का वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.7.3 
तत्र वृक्षा मधुफला नित्यपुष्पफलोपगा:।
पुष्पाणि च सुगन्धीनि रसवन्ति फलानि च॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ के वृक्ष सदैव फूलों और फलों से भरे रहते हैं और उनके फल बहुत मीठे और स्वादिष्ट होते हैं। उस देश के सभी फूल सुगंधित और फल स्वादिष्ट होते हैं। ॥3॥
 
The trees there are always full of flowers and fruits and their fruits are very sweet and delicious. All the flowers of that country are fragrant and the fruits are delicious. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)