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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान्का वर्णन
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श्लोक 2
श्लोक
6.7.2
संजय उवाच
दक्षिणेन तु नीलस्य मेरो: पार्श्वे तथोत्तरे।
उत्तरा: कुरवो राजन् पुण्या: सिद्धनिषेविता:॥ २॥
अनुवाद
संजय ने कहा- राजन! नीलगिरि के दक्षिण में और मेरु पर्वत के उत्तर में पवित्र उत्तर कुरुवर्ष है, जहाँ सिद्ध पुरुष निवास करते हैं॥2॥
Sanjay said- Rajan! To the south of the Nilgiris and to the north of Mount Meru is the holy North Kuruvarsha, where the Siddha Purushas reside. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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