श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान‍्का वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.7.13 
उत्तरा: कुरवो राजन् व्याख्यातास्ते समासत:।
मेरो: पार्श्वमहं पूर्वं वक्ष्याम्यथ यथातथम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
राजन! इस प्रकार मैंने आपसे उत्तरकुरुवर्ष का संक्षेप में वर्णन किया है। अब मैं मेरु के पूर्व भाग में स्थित भद्राश्ववर्ष का यथावत् वर्णन करूँगा ॥13॥
 
Rajan! In this way I have briefly described Uttarkuruvarsha to you. Now I will describe the Bhadrashvavarsha located in the eastern part of Meru exactly. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)