Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.69.d1-5: असुर युधिष्ठिर ने स्वयं धौम्य ऋषि की आज्ञा से श्येनव्यूह की रचना करके शत्रुओं के रोंगटे खड़े कर दिए। भरत! अग्निचयन-संबंधी अनुष्ठानों में व्यस्त रहते हुए उन्हें श्येनव्यूह का विशेष ज्ञान था। आपके बुद्धिमान पुत्र की सेना ने मकर नामक एक महान व्यूह की रचना की। द्रोणाचार्य से अनुमति लेकर उन्होंने स्वयं सम्पूर्ण सेना सहित उस व्यूह की रचना की। तत्पश्चात् शान्तनुनंदन भीष्म स्वयं उस व्यूह के अनुसार व्यूह रचना के नियमानुसार उस व्यूह का अनुसरण करने लगे। महाराज! महारथियों में श्रेष्ठ आपके चाचा भीष्म रथियों की विशाल सेना से घिरे हुए युद्ध के लिए निकले। | mahabharat अध्याय 6.69: कौरवोंद्वारा मकरव्यूह तथा पाण्डवोंद्वारा श्येनव्यूहका निर्माण एवं पाँचवें दिनके युद्धका आरम्भ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(अजातशत्रु: शत्रूणां मनांसि समकम्पयत्।
श्येनवद् व्यूह्य तं व्यूहं धौम्यस्य वचनात् स्वयम्॥
स हि तस्य सुविज्ञात अग्निचित्येषु भारत।
मकरस्तु महाव्यूहस्तव पुत्रस्य धीमत:॥
स्वयं सर्वेण सैन्येन द्रोणेनानुमतस्तदा।
यथाव्यूहं शान्तनव: सोऽन्ववर्तत तत् पुन:॥ )
स निर्ययौ महाराज पिता देवव्रतस्तव।
महता रथवंशेन संवृतो रथिनां वर:॥ ५॥
अनुवाद
असुर युधिष्ठिर ने स्वयं धौम्य ऋषि की आज्ञा से श्येनव्यूह की रचना करके शत्रुओं के रोंगटे खड़े कर दिए। भरत! अग्निचयन-संबंधी अनुष्ठानों में व्यस्त रहते हुए उन्हें श्येनव्यूह का विशेष ज्ञान था। आपके बुद्धिमान पुत्र की सेना ने मकर नामक एक महान व्यूह की रचना की। द्रोणाचार्य से अनुमति लेकर उन्होंने स्वयं सम्पूर्ण सेना सहित उस व्यूह की रचना की। तत्पश्चात् शान्तनुनंदन भीष्म स्वयं उस व्यूह के अनुसार व्यूह रचना के नियमानुसार उस व्यूह का अनुसरण करने लगे। महाराज! महारथियों में श्रेष्ठ आपके चाचा भीष्म रथियों की विशाल सेना से घिरे हुए युद्ध के लिए निकले।
Yudhishthira, who is untouchable, himself, on the orders of sage Dhoumya, created Shyenavyuha and sent shivers down the spine of his enemies. Bhaarat! While he was busy with the rituals related to Agnichayana, he had a special knowledge of Shyenavyuha. A great formation called Makar was created by the army of your intelligent son. After taking permission from Dronacharya, he himself created that formation with the entire army. Then, Shantanu Nandan Bhishma himself followed that formation as per the rules of formation. Maharaj! Your uncle Bhishma, the best among charioteers, went out for the battle surrounded by a huge army of chariots.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥