श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 68: ब्रह्मभूतस्तोत्र तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महत्ता  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.68.20 
राजा च शिबिरं प्रायात् प्रणिपत्य महात्मने।
शिश्ये च शयने शुभ्रे रात्रिं तां भरतर्षभ॥ २०॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! राजा दुर्योधन भी महात्मा भीष्म को प्रणाम करके अपने शिविर में लौट आया और अपनी श्वेत शय्या पर सो गया॥20॥
 
Bharatshrestha! King Duryodhana also returned to his camp after paying obeisance to Mahatma Bhishma and slept on his white bed. 20॥
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि विश्वोपाख्याने अष्टषष्टितमोऽध्याय:॥ ६८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें विश्वोपाख्यानविषयक अड़सठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६८॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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