श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 67: भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.67.16 
तस्य तात वधादेव देवदानवमानवा:।
मधुसूदनमित्याहुर्ऋषयश्च जनार्दनम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्! मधुक का वध करने के कारण ही देवता, दानव, मनुष्य और ऋषिगण श्री जनार्दन को मधुसूदन कहते हैं।
 
Tat! It is because of killing Madhuka that gods, demons, humans and sages call Shri Janardan as Madhusudan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)