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mahabharat 6.66.36: हे राजन! अपने पराक्रम और आत्मज्ञान के कारण सभी पाण्डव सुरक्षित हैं। इसीलिए वे विजयी होंगे॥ 36॥   |   mahabharat अध्याय 6.66: नारायणावतार श्रीकृष्ण एवं नरावतार अर्जुनकी महिमाका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.66.36 
तस्य माहात्म्ययोगेन योगेनात्ममयेन च।
धृता: पाण्डुसुता राजन् जयश्चैषां भविष्यति॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! अपने पराक्रम और आत्मज्ञान के कारण सभी पाण्डव सुरक्षित हैं। इसीलिए वे विजयी होंगे॥ 36॥
 
All the Pandavas are safe due to their greatness and self-realization. O King! That is why they will be victorious. ॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)