श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 66: नारायणावतार श्रीकृष्ण एवं नरावतार अर्जुनकी महिमाका प्रतिपादन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.66.21 
देवं चराचरात्मानं श्रीवत्साङ्कं सुवर्चसम्।
पद्मनाभं च जानाति तमाहुस्तामसं बुधा:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
जो विद्वान् पुरुष श्रीवत्स चिन्ह से सुशोभित और उत्तम कांति से युक्त भगवान् पद्मनाभ को नहीं जानता, वह तमोगुणी विद्वान् कहा जाता है ॥21॥
 
The learned man who does not know Lord Padmanabha, who is adorned with the symbol of Srivatsa and is endowed with excellent lustre, is called a learned man of Tamoguni. 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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