श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  6.65.27-28h 
शृणु भूयो यथातत्त्वं यन्मां त्वं परिपृच्छसि।
कारणं भरतश्रेष्ठ पाण्डवानां जयं प्रति॥ २७॥
तत् तेऽहं कथयिष्यामि यथाश्रुतमरिंदम।
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! पाण्डवों की विजय और अपनी पराजय का कारण सत्य-सत्य सुनो। हे शत्रुओं का नाश करने वाले! मैंने जो सुना है, वह मैं तुम्हें बताता हूँ।
 
O best of the Bharatas! Listen to the truth about the reasons for the victory of the Pandavas and your defeat. O destroyer of enemies! I will tell you what I have heard. 27 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)