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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन
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श्लोक 11-12h
श्लोक
6.65.11-12h
तस्मान्मे कारणं सूत शक्तिं चैव विशेषत:॥ ११॥
पृच्छतो वै यथातत्त्वं सर्वमाख्यातुमर्हसि।
अनुवाद
अतः हे सूत! मैं तुमसे शक्ति 1 और कारण 2 के विषय में जो विशेष प्रश्न पूछ रहा हूँ, उन्हें विस्तारपूर्वक बताओ।
Therefore, Suta! Tell me in detail the specific questions I am asking you about Shakti (power) 1 and cause (reason) 2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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