श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  6.64.78 
पितामहवच: श्रुत्वा तथा चक्रु: स्म कौरवा:।
उपायेनापयानं ते घटोत्कचभयार्दिता:॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
पितामह भीष्म के ये वचन सुनकर कौरवों को एक उपाय सूझा और वे युद्ध से हटने को तैयार हो गए; क्योंकि उस समय वे घटोत्कच के भय से ग्रस्त थे।
 
On hearing these words of Grandfather Bhishma, the Kauravas found a way out and agreed to withdraw from the war; because at that time they were suffering from the fear of Ghatotkacha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)