श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  6.64.43 
भगदत्त: प्रभिन्नेन कुञ्जरेण विशाम्पते।
अभ्ययात् सहसा तत्र यत्र भीमो व्यवस्थित:॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! राजा भगदत्त मदोन्मत्त हाथी पर सवार होकर अचानक उस स्थान पर पहुँचे जहाँ भीमसेन खड़े थे।
 
O Prajanath! King Bhagadatta, riding on the intoxicated elephant, suddenly arrived at the place where Bhimasena was standing. 43.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)