तं निहत्य गदाग्रेण स लेभे परमां मुदम्।
पुत्र: पाञ्चालराजस्य महात्मा भीमविक्रम:॥ ३१॥
अनुवाद
पांचाल नरेश के पराक्रमी एवं वीर पुत्र धृष्टद्युम्न ने अपनी गदा के अग्र भाग से शल के पुत्र को मारकर अत्यन्त प्रसन्नता व्यक्त की।
The mighty and valiant son of the King of Panchala, Dhrishtadyumna, was extremely pleased after killing the son of Shala with the front part of his mace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥