श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  6.54.42 
ततस्तस्मादवप्लुत्य गजाद् भारत भारत:।
खड्गपाणिरदीनात्मा तस्थौ भूमौ सुदंशित:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
भरत! तब कवचधारी, तलवार चलाने वाले, उदार हृदय वाले भरतवंशी भीमसेन सहसा हाथी से कूद पड़े और भूमि पर खड़े हो गये।
 
Bharata! Then the armour-clad, sword-wielding, generous-hearted Bhimasena of the Bharata dynasty suddenly jumped from the elephant and stood on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)