श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 50: युधिष्ठिरकी चिन्ता, भगवान‍् श्रीकृष्णद्वारा आश्वासन, धृष्टद्युम्नका उत्साह तथा द्वितीय दिनके युद्धके लिये क्रौंचारुणव्यूहका निर्माण  »  श्लोक 30-d1h
 
 
श्लोक  6.50.30-d1h 
शिखण्डी च महाबाहो भीष्मस्य निधनं किल॥ ३०॥
(करिष्यति न संदेहो नृपाणां युधि पश्यताम्।)
 
 
अनुवाद
"महाबाहो! यह शिखण्डी इन समस्त राजाओं के सामने ही भीष्म को अवश्य मार डालेगा, इसमें संशय नहीं है।" ॥30॥
 
"Mahabaho! This Shikhandi will certainly kill Bhishma in front of all these kings, there is no doubt about it." ॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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