श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 50: युधिष्ठिरकी चिन्ता, भगवान‍् श्रीकृष्णद्वारा आश्वासन, धृष्टद्युम्नका उत्साह तथा द्वितीय दिनके युद्धके लिये क्रौंचारुणव्यूहका निर्माण  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.50.23 
स त्वं पश्य महाभाग योगेश्वर महारथम्।
भीष्मं य: शमयेत् संख्ये दावाग्निं जलदो यथा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे महान योगेश्वर! आप ऐसे महान योद्धा को खोजिए जो युद्धस्थल में भीष्म को उसी प्रकार शांत कर दे जैसे मेघ दावानल को बुझा देता है॥ 23॥
 
O great Yogeshwara! Please find such a great warrior who can pacify Bhishma on the battlefield like a cloud extinguishes a forest fire.॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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