श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 44-45h
 
 
श्लोक  6.48.44-45h 
पितामहं ततो दृष्ट्वा श्वेतेन विमुखीकृतम्॥ ४४॥
प्रहर्षं पाण्डवा जग्मु: पुत्रस्ते विमनाऽभवत्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात श्वेतक द्वारा पितामह भीष्म को युद्ध से विमुख होते देख समस्त पाण्डव अत्यन्त प्रसन्न हुए; परन्तु आपका पुत्र दुर्योधन दुःखी हुआ॥44 1/2॥
 
Thereafter, seeing grandfather Bhishma turned away from the battle by Swetaka, all the Pandavas were very happy; but your son Duryodhana was saddened. ॥ 44 1/2 ॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd