श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  6.48.43-44h 
एकाह्ना निर्दहेद् भीष्म: पाण्डवानामनीकिनीम्॥ ४३॥
शरै: परमसंक्रुद्धो यदि श्वेतो न पालयेत्।
 
 
अनुवाद
यदि श्वेत ने पाण्डव सेना की रक्षा न की होती, तो भीष्म अत्यन्त कुपित होकर एक ही दिन में उनका नाश कर देते ॥43 1/2॥
 
Had White not protected the Pandava army, Bhishma would have become extremely furious and would have destroyed them in a single day. ॥ 43 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)