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mahabharat 6.39.19: जो मनुष्य मुझे पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् के रूप में बिना किसी संदेह के जानता है, वह सबका ज्ञाता है। अतः हे भरतपुत्र! वह मनुष्य मेरी पूर्ण भक्ति में लीन हो जाता है।   |   mahabharat अध्याय 6.39: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 15: पुरुषोत्तम योग   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.39.19 
यो मामेवमसम्मूढो जानाति पुरुषोत्तमम् ।
स सर्वविद्भ‍जति मां सर्वभावेन भारत ॥ १९ ॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य मुझे पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् के रूप में बिना किसी संदेह के जानता है, वह सबका ज्ञाता है। अतः हे भरतपुत्र! वह मनुष्य मेरी पूर्ण भक्ति में लीन हो जाता है।
 
Anyone who knows me as the Supreme Personality of Godhead without any doubt is the knower of all. Therefore, O son of Bharata, that person is immersed in My complete devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)