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गामाविश्य च भूतानि धारयाम्यहमोजसा ।
पुष्णामि चौषधी: सर्वा: सोमो भूत्वा रसात्मक: ॥ १३ ॥
अनुवाद
मैं प्रत्येक लोक में प्रवेश करता हूँ और मेरी शक्ति से सभी लोक अपनी कक्षा में स्थित रहते हैं। मैं चन्द्रमा बनकर सभी वनस्पतियों को जीवन-रस प्रदान करता हूँ।
I enter each world and by my power all the worlds remain situated in their orbit. I become the moon and provide life-juice to all plants.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥