Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.37.25: कुछ लोग ध्यान के माध्यम से अपने भीतर ईश्वर को देखते हैं, कुछ लोग ज्ञान के अभ्यास के माध्यम से, तथा कुछ लोग निःस्वार्थ कर्म योग के माध्यम से उसे देखते हैं।   |   mahabharat अध्याय 6.37: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 13: प्रकृति, पुरुष तथा चेतना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 37: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 13: प्रकृति, पुरुष तथा चेतना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.37.25 
ध्यानेनात्मनि पश्यन्ति केचिदात्मानमात्मना ।
अन्ये सांख्येन योगेन कर्मयोगेन चापरे ॥ २५ ॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोग ध्यान के माध्यम से अपने भीतर ईश्वर को देखते हैं, कुछ लोग ज्ञान के अभ्यास के माध्यम से, तथा कुछ लोग निःस्वार्थ कर्म योग के माध्यम से उसे देखते हैं।
 
Some people see God within themselves through meditation, others through the practice of knowledge and there are some who see Him through selfless Karma Yoga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)