श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.34.21 
आदित्यानामहं विष्णुर्ज्योतिषां रविरंश‍ुमान् ।
मरीचिर्मरुतामस्मि नक्षत्राणामहं शशी ॥ २१ ॥
 
 
अनुवाद
मैं आदित्यों में विष्णु हूँ, ज्योतियों में तेजस्वी सूर्य हूँ, मरुतों में मरीचि हूँ और नक्षत्रों में चन्द्रमा हूँ।
 
I am Vishnu among the Adityas, the radiant Sun among the lights, Marichi among the Maruts and the Moon among the stars.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)