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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य
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श्लोक 11
श्लोक
6.34.11
तेषामेवानुकम्पार्थमहमज्ञानजं तम: ।
नाशयाम्यात्मभावस्थो ज्ञानदीपेन भास्वता ॥ ११ ॥
अनुवाद
उन पर विशेष कृपा करने के लिए मैं उनके हृदय में निवास करते हुए ज्ञान के प्रकाशमान दीपक से अज्ञानजनित अंधकार को दूर करता हूँ।
To bestow my special mercy upon them, I dispel the darkness caused by ignorance with the luminous lamp of knowledge while residing in their hearts.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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