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mahabharat 6.32.26: वैदिक मान्यता के अनुसार, इस संसार से जाने के दो मार्ग हैं - एक प्रकाश का और दूसरा अंधकार का। जब मनुष्य प्रकाश के मार्ग पर जाता है, तो वह वापस नहीं लौटता, परन्तु अंधकार के मार्ग पर जाने वाला पुनः वापस आ जाता है।   |   mahabharat अध्याय 6.32: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 8: भगवत्प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.32.26 
श‍ुक्ल‍कृष्णे गती ह्येते जगत: शाश्वते मते ।
एकया यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते पुन: ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
वैदिक मान्यता के अनुसार, इस संसार से जाने के दो मार्ग हैं - एक प्रकाश का और दूसरा अंधकार का। जब मनुष्य प्रकाश के मार्ग पर जाता है, तो वह वापस नहीं लौटता, परन्तु अंधकार के मार्ग पर जाने वाला पुनः वापस आ जाता है।
 
According to Vedic belief, there are two ways to leave this world - one of light and the other of darkness. When a man goes on the path of light, he does not return, but the one who goes on the path of darkness comes back again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)