Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.32.25: जो योगी धुएँ में, रात्रि में, कृष्ण पक्ष में, अथवा सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध में रहने के छह मासों के दौरान प्राण त्यागता है, वह चन्द्रमा पर जाता है, किन्तु वहाँ से पुनः पृथ्वी पर लौट आता है। | mahabharat अध्याय 6.32: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 8: भगवत्प्राप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो योगी धुएँ में, रात्रि में, कृष्ण पक्ष में, अथवा सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध में रहने के छह मासों के दौरान प्राण त्यागता है, वह चन्द्रमा पर जाता है, किन्तु वहाँ से पुनः पृथ्वी पर लौट आता है।
A Yogi who dies in smoke, at night, during the dark fortnight, or during the six months when the Sun is in the southern hemisphere, goes to the Moon, but comes back from there again (to earth).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥