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mahabharat 6.32.17: मानवीय गणना के अनुसार एक हजार युग मिलकर ब्रह्मा का एक दिन होता है और ब्रह्मा की रात्रि भी इतनी ही लम्बी होती है।   |   mahabharat अध्याय 6.32: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 8: भगवत्प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.32.17 
सहस्रयुगपर्यन्तमहर्यद्ब्रह्मणो विदु: ।
रात्रिं युगसहस्रान्तां तेऽहोरात्रविदो जना: ॥ १७ ॥
 
 
अनुवाद
मानवीय गणना के अनुसार एक हजार युग मिलकर ब्रह्मा का एक दिन होता है और ब्रह्मा की रात्रि भी इतनी ही लम्बी होती है।
 
According to human calculations, one thousand Yugas together make one day of Brahma and Brahma's night is also of the same length.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)