श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 30: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 6: ध्यानयोग  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.30.7 
जितात्मन: प्रशान्तस्य परमात्मा समाहित: ।
शीतोष्णसुखदु:खेषु तथा मानापमानयो: ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
जिसने मन पर विजय पा ली है, वह ईश्वर को प्राप्त कर चुका है, क्योंकि उसे शांति प्राप्त हो गई है। ऐसे व्यक्ति के लिए सुख-दुःख, सर्दी-गर्मी, मान-अपमान सब एक समान हैं।
 
One who has conquered the mind has already attained God, because he has attained peace. For such a person, happiness and sorrow, cold and heat, respect and disrespect are the same.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd